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राजस्थान में कृषि से संबंधित नवीनतम योजनाएं (2017 से 2020)



राजस्थान में कृषि क्षेत्र से संबंधित प्रमुख योजनाएं
2020 में घोषित योजनाएं
1. कामधेनु डेयरी योजना
• सरकार ने देशी गाय के हाईटेक डेयरी फार्म को बढ़ावा देने के लिए कामधेनु डेयरी योजना शुरू की है।
• इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी के चलते नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराना एवं उनके इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाना है।
• इस योजना में एक इकाई अधिकतम 36.68 लाख की होगी।
• योजना में 15-15 गायों का क्रय कर डेयरी स्थापित की जाएगी।
• इस योजना में प्रोजेक्ट लागत का 30% सरकार के द्वारा खर्च किया जाएगा और 10% राशि डेयरी स्थापित करने वाले उद्यमी को निवेश करना होगा। 60% राशि बैंक द्वारा लोन दी जाएगी अर्थात इस योजना के तहत किसानों और पशु पालकों को 90 प्रतिशत तक ऋण दिया जाएगा।
• डेयरी स्थापित करने वाले शिक्षित पशुपालक को पशुपालन का अनुभव और खुद की भूमि होना आवश्यक है।

2. कृषि उपज रहन ऋण योजना राजस्थान
• 1 जून 2020 से शुरू 
• योजना के तहत किसान अपनी उपज को रहन रखकर 3% ब्याज पर डेढ़ लाख से तीन लाख रुपए तक का ऋण ले सकेंगे
लघु एवं सीमांत किसान - 1.50 लाख रुपए
               बड़े किसान - 3 लाख रुपए
• इस योजना के अंतर्गत किसान को उसकी उपज का 70% ऋण मिलेगा।
• समय पर पूरा ऋण चुकाने पर 2% की छूट
• भूमि 2 हेक्टेयर से कम होनी चाहिए
• योजना के पहले चरण में 25,000 किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
• यह योजना कम दामों में फसल बेचने की मजबूरी में मददगार होगी।

3. राजस्थान तारबंदी योजना 2020
• इस योजना के तहत किसानों को अपनी फसल को आवारा पशुओं से बचाने के लिए खेतों के चारों ओर तारबंदी करवाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।
• इस योजना के अंतर्गत तारबंदी का 50% खर्चा सरकार द्वारा तथा शेष 50% किसान द्वारा उठाया जाएगा। अधिकतम मदद ₹40,000
• तारबंदी योजना के तहत अधिकतर राज्य के छोटे एवं सीमांत किसानों को ही लाभ मिलेगा।
• अधिकतम 400 मीटर तक की तारबंदी के लिए सब्सिडी दी जाएगी।
• योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास लगभग 0.5 हेक्टेयर की कृषि भूमि होना आवश्यक है।

4. कृषि क्षेत्र में नए निवेश के लिए थार (THAAR) योजना
• 13 मार्च 2020 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है, कि कृषि क्षेत्र में नए निवेश के लिए ट्रांसफॉर्मिंग एंड हार्वेस्टिंग एग्रीकल्चर एंड अलाइड सेक्टर इन राजस्थान (थार) योजना लाई जाएगी।
• इसके माध्यम से खेती में लागत को कम करना, किसानों की आमदनी में वृद्धि करना, कृषि प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करना, कृषि में सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना तथा राज्य के कृषि एवं संबंधित उत्पादों को ब्रांड राजस्थान के तहत देश एवं दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने आदि नवाचार शामिल होंगे।

राजस्थान बजट 2019-20 में घोषित योजनाएं
कृषक ऋण माफी
1. सहकारी क्षेत्र के सभी श्रेणियों के सभी किसान लाभान्वित।
2. 30 नवंबर 2018 तक बकाया संपूर्ण अल्पकालीन कृषि ऋण
3. जिला केंद्रीय सहकारी बैंक एवं भूमि विकास बैंकों के ₹2 लाख तक के मध्यमकालीन एवं दीर्घकालीन ऋण माफ।
4. माफी से राज्य के लगभग 25 लाख किसानों को फायदा।
5. इसके फलस्वरूप लगभग 400000 बीघा कृषि भूमि रहन मुक्त हो जाएगी।

मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना
1. सहकारी दुग्ध उत्पादक संघो पर दूध आपूर्ति करने वाले किसानों को ₹2 प्रति लीटर की दर से बोनस दिया जाएगा।
2. इसमें प्रदेश के आठ लाख किसान लाभान्वित होंगे।
3. यह योजना एक फरवरी 2019 से लागू ।

एक रुपए किलो में गेहूं
1. राज्य सरकार ने पहले की तरह से ही BPL, स्टेट BPL तथा अंत्योदय परिवारों को एक रुपए किलो में गेहूं देने की घोषणा की है। 5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति
2. इस योजना से करीब एक करोड़ 74 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
3. 1 मार्च 2019 से शुरू , सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत
4. इस योजना में राज्य सरकार पर 115 करोड रुपए का अतिरिक्त भार होगा।

कृषि ऋण पर 2% अतिरिक्त ब्याज अनुदान
• 9 अगस्त, 2018 को विश्व जनजाति कल्याण दिवस के मौके पर सहकारी क्षेत्र से जुड़े TSP Area के सभी लघु एवं सीमांत किसानों के लिए दीर्घ कालीन कृषि ऋण पर 2% अतिरिक्त ब्याज अनुदान देने की घोषणा की गई थी
• इसका विस्तार करते हुए सम्पूर्ण प्रदेश में समय पर किश्त चुकाने वाले किसानों को भी 31 मार्च, 2019 तक के भूमि विकास बैंक से संबंधित दीर्घकालीन कृषि ऋण 5.50% की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जायेगा. इसके लिए 2% ब्याज अनुदान का वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी.

राजस्थान बजट 2018-19 में घोषित योजनाएं
राज सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना
• राजस्थान में किसानों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य के 25 लाख से अधिक किसानों का ₹ 10 लाख तक दुर्घटना बीमा किया जाएगा।
• इस संबंध में ‘राज सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा’ योजना लागू कर दी गई। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की इस संबंध में की गई घोषणा के पालन में 1 अप्रैल, 2018 से 31 मार्च, 2019 तक दुर्घटना बीमा किया 
• वर्ष 2018-19 में सहकारी बैंकों से अल्पकालीन फसली ऋण लेने वाले सभी किसानों का अनिवार्य रूप से व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
• फसली ऋणी किसानों को 27 रुपए वार्षिक प्रीमियम पर 6 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा दिया जा रहा है।
सहकारी बैंकों के खाता धारक होने पर ₹ 54 वार्षिक प्रीमियम
अपंगता एक (आंख, हाथ, पैर) : ₹3 लाख का बीमा 
दोनों (आंख हाथ अथवा पैर) : ₹ 6 लाख

मुख्यमंत्री बीज स्वावलम्बन योजना-2017
• इस योजना के द्वारा किसान को स्वयं के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता युक्त बीज उत्पादन में मदद करना।
• पायलट परियोजना के तहत इस योजना के लिए कोटा, भीलवाड़ा और उदयपुर जिलों का चयन किया गया।
• इस योजना के तहत खरीफ फसलों : ज्वार, सोयाबीन, मूंगफली, मोठ, मूंग, उड़द तथा रबी फसलों गेहूं, जौ, चना आदि फसलों के बीज उत्पादन किए जायेंगे।

सरस सुरक्षा कवच बीमा योजना-2017
• मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने प्रदेश के दूध उत्पादक किसानों हेतु 1 जनवरी 2017 को यह योजना शुरू की।
• लक्ष्य - राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन से जुड़े किसानों को इस योजना के तहत मृत्यु अथवा पूर्ण स्थाई अपंगता पर 5 लाख रूपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा लाभ मिलेगा।
• दुध उत्पादक किसानों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा राशि देने वाली यह देश की पहली योजना है।
• इस योजना के तहत अनुसूचित जाति जनजाति के दूध उत्पादक किसानों को मात्र 20 रूपये 25 पैसे वार्षिक प्रीमियम देना होगा। जबकि अन्य वर्ग के दूध उत्पादकों के लिए प्रीमियम राशि 24 रूपये 30 पैसे है। राज्य सरकार ने यूनाइटेड इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड से MOU किया है।










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