सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आत्मनिर्भर भारत अभियान (Aatmnirbhar Bharat Abhiyan)

आत्मनिर्भर भारत अभियान 
आपदा को अवसर में बदलने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिनांक 12 मई 2020 को राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक राहत पैकेज, आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत की है।
कोविड-19 महामारी संकट से लड़ने में आत्मनिर्भर भारत अभियान  निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और एक आधुनिक भारत की पहचान बनेगा |
2020 के लिए आर्थिक पैकेज 20 लाख करोड़ रुपए
जो देश की जीडीपी का लगभग 10%
इस योजना अथवा अभियान का उद्देश्य 130 करोड़ भारतवासियों को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि देश का हर नागरिक संकट (कोविड-19) की इस घड़ी में कदम से कदम मिलाकर चल सके।
यह आपदा भारत के लिए संकेत, संदेश और अवसर लेकर आई हैं ‌ हमारे पास साधन और सामर्थ्य हैं। हमारे पास दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है। हम बेहतरीन उत्पाद बनाएंगे गुणवत्ता बेहतर करेंगे और आपूर्ति श्रंखला को और आधुनिक बनाएंगे।
समृद्ध और संपन्न भारत के निर्माण में आत्मनिर्भर भारत अभियान निश्चित ही महत्वपूर्ण योगदान देगा । प्रधानमंत्री आर्थिक राहत पैकेज में सभी सेक्टरों की दक्षता बढ़ेगी और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी |
लैंड , लेबर , लिक्विडिटी , लॉ पर बल
स्थानीय बाजार को प्रोत्साहन : लोकल के लिए वोकल
      लोकल
आत्मनिर्भरता , आत्म बल एवं आत्मविश्वास से ही संभव

आत्म निर्भर योजना के स्तम्भ
किसी भी देश के विकास में और उसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यतः 5 चीजों की आवश्यकता होती है
अर्थव्यवस्था  (Economy)
आधारभूत ढांचा (better Infrastructure)
प्रणाली (System)
जनसांख्यिकी (Demography)
मांग और आपूर्ति श्रृंखला (Demand & Supply Chain)
आत्मनिर्भर भारत अभियान के लाभार्थी
देश का गरीब नागरिक       श्रमिक
प्रवासी मजदूर              पशुपालक
मछुआरे                   किसान
कुटीर उद्योग              लघु उद्योग
मध्यमवर्गीय उद्योग
संगठित क्षेत्र व असंगठित क्षेत्र के व्यक्ति



आत्मनिर्भर भारत अभियान  के अंतर्गत महत्वपूर्ण क्षेत्र

कृषि प्रणाली (Reformation Of Agricultural Supply Chain & System)
सरल और स्पष्ट नियम कानून (Rational Tax System)
उत्तम आधारिक संरचना (Reformation Of Infrastructure)
दक्ष मानवीय संसाधन ( Capable Human Resources)
बेहतर वित्तीय सेवा (A Good Financial System)
नए व्यवसाय को प्रेरित करना (To Motivate New Business)
निवेश के अच्छे अवसर प्रदान करना (Provide Good Investment Opportunities)
मेक इन इंडिया (Make In India Mission)



आत्मनिर्भर भारत अभियान चरण 1
MSME सहित व्यापार के लिए 16-घोषणाएं

May 13 , 2020
वित्त मंत्री : निर्मला सीतारमण
वित्त राज्य मंत्री : अनुराग ठाकुर
कोविड-19 ने देश और देश दुनिया के सामने बहुत से संकट खड़े किए हैं और चुनौती के समय में देश को अग्रसर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योग (MSMEs) के लिए 16 घोषणाएं की है MSMEs  जो कि 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है ।




Sector Amount (Crore)
MSME's 3 Lac
Power sector 90,000
NBFCs/HCs/ MFIs 75000
TDS 55000
PF 25000

सरकार द्वारा निम्न घोषणाएं की गई है

1.लघु, कुटीर, मझले, गृह उद्योग (MSMEs) सहित व्यापार के लिए ₹ 3 लाख करोड़ का कॉलेटरल फ्री ऑटोमेटिक लोन अर्थात इसके बदले में आपको गारंटी नहीं देनी होगी। गारंटी फीस भी नहीं लगेगी । यह ऋण 4 साल के लिए होगा और मूल रकम चुकाने के लिए 12 महीने की राहत मिलेगी
 (लाभ : 31 अक्टूबर 2020 तक)
2.MSMEs में संकट वाले अथवा एनपीए हो चुके उद्योगों के लिए ₹ 20 हजार करोड़ अधीनस्थ ऋण (subordinate debt) उपलब्ध कराया जाएगा।

3.MSMEs को फंड के माध्यम से ₹ 50 हजार करोड़ इक्विटी फंडिंग उपलब्ध कराई जाएगी जो एमएसएमई अच्छा प्रदर्शन कर रही है उसका विस्तार करने के लिए। इससे एमएसएमई को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने में मदद मिलेगी।
इसमें 10 हजार करोड रुपए की शुरुआत के साथ एक फंड बनाया जाएगा (Mother Fund) इसके जरिए 50 हजार करोड़ रुपए का (Daughter Fund) जुटाया जाएगा ‌

4.MSMEs की नई परिभाषा
सुक्ष्म Micro : निवेश 1 करोड से कम ,  5 करोड़ तक टर्नओवर
लघु Small : 10 करोड तक निवेश ,  50 करोड़ तक टर्नओवर
मध्यम Medium : 20 करोड़ तक  निवेश, 100 करोड़ तक टर्नओवर
5.ग्लोबल टेंडर 200 करोड़ रुपये तक नहीं होगा अर्थात सरकार अगर 200 करोड़ रुपए तक की खरीद करेगी तो उसके लिए ग्लोबल टेंडर जारी नहीं किया जाएगा ताकि देश के छोटे उद्योगों को टेंडर हासिल करने का मौका मिल सके।
6.सरकार एमएसएमई के सभी बकाया भुगतान 45 दिनों में करेगी व्यापार मेला और प्रदर्शनों की जगह एमएसएमई के ई-मार्केट लिंकेज को बढ़ावा दिया जाएगा।
7.प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत ईपीएफ फंड में कंपनी का 12% और कर्मचारी का 12% हिस्सा दिया जा रहा था मार्च अप्रैल और मई के लिए था, अब इसे अगले 3 महीनों के लिए बढ़ा दिया गया है यह मदद 2500 करोड़ रुपये की होगी।
यह लाभ उन कर्मचारी को मिलेगा जिनकी तनख्वाह ₹15000 से कम है और जो 100 से कम कर्मचारी वाले संस्थानों में काम करते हैं उनके ईपीएफ अकाउंट में सरकार ही पूरा 24% हिस्सा जमा करेगी।

8. निजी उद्यम में काम करने वाले कर्मचारियों के इपीएफ में दिए जाने वाले अंशदान में 4% की कमी की है। यह अंशदान 12-12% से घटाकर 10-10% कर दिया गया है अर्थात उसके वेतन का 24% की जगह 20% के बराबर राशि ही जमा करानी होगी यह व्यवस्था फिलहाल तीन महीनों जून जुलाई और अगस्त के लिए होगी।
9. 30000 Crore Liquidity facility for NBFCs/HCs/MFIs
एनबीएफसी / हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां/ माइक्रो फाइनेंस कंपनियां /  के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की तरलता सुविधा जिन्हें बाजार से पैसा जुटाने में दिक्कत होती हैं । इस फंड की पूरी गारंटी सरकार देगी।

10.एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां तथा माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन) जिन की क्रेडिट रेटिंग कम है और एमएसएमई तथा individuals को कर्ज देना चाहती हैं , के लिए 45000 करोड़ रुपये की आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना । कर्ज देने पर अगर नुकसान होता है तो उसका 20% भारत सरकार उठाएगी।
11.पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों DISCOM के लिए 90 हजार करोड़ रुपये की तरलता मदद मिलेगी क्योंकि उनकी आय में काफी कमी आई है और पावर जनरेशन कंपनियों तथा ट्रांसमिशन कंपनियों को 94 हजार करोड रुपए चुकाने हैं लेकिन इनके पास पैसों की कमी है।

12.Contractors ठेकेदारों को राहत
रेलवे सड़क परिवहन राजमार्ग और सीपीडब्ल्यूडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों के ठेकेदार को अपने प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए 6 महीने का अतिरिक्त वक्त दिया जाएगा।
13.Extension of registration and completion date of real estate projects under RERA
रियल स्टेट को आगे बढ़ाने के लिए RERA के तहत रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीकरण और पूर्णता तिथि का विस्तार । जिनके प्रोजेक्ट 25 मार्च या उसके बाद पूरे होने थे इसे प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन और कंप्लीशन की टाइमलाइन अपने आप ही 6 महीने के लिए बढ़ जाएगी इसके लिए अलग से एप्लीकेशन देने की जरूरत नहीं होगी।
14.TDS / TCS कटौती के माध्यम से करदाता पर 50000 करोड़ रुपये की लिक्विडिटी बढ़ने की संभावना है । बिना सैलरी वाले पेमेंट (अनुबंध, ब्याज, दलाली, पेशेवर शुल्क) के लिए टीडीएस एवं टीसीएस में 25% की कटौती की जाएगी।
15.Other Direct Tax Measures  अन्य कर उपाय
आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2020
आयकर ऑडिट की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2020 मूल्यांकन असेसमेंट की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2020
31 मार्च 2021 को वर्जित होने वाली तारीख को बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर दिया गया है
16.सभी लंबित धर्मार्थ ट्रस्ट, गैर कॉरपोरेट व्यवसायो एवं पेशेवरों, प्रोपराइटरशिप , पार्टनरशिप, एलएलपी और कोऑपरेटिव्स के सभी लंबित भुगतान फौरन कर दिए जाएंगे।







आत्मनिर्भर भारत अभियान चरण 2
इस चरण में, मुख्य ध्यान प्रवासी मजदूरों, स्ट्रीट वेंडर्स / Street vendors (रेहड़ी एवं पटरी वालों) , शहरी गरीबों तथा छोटे व सीमांत किसानों, पर दिया गया है।
किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधी सहायता
अब तक, लगभग 3 करोड़ किसानों ने रियायती दरों में उन्हें दिए गए 63 लाख कृषि ऋणों का लाभ उठाया है। किसानों ने पहले ही ऋण लिया है, जिसकी कीमत 4.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। अब ऋणों के शीघ्र पुनर्भुगतान के लिए ब्याज उपकर 1 मार्च 2020 से 31 मई 2020 तक बढ़ाया गया है।
NABARD के माध्यम से किसानों के लिए पूंजीगत अनुदान नाबार्ड पुनर्वित्त प्रयोजनों के लिए इस वर्ष 90,000 करोड़ रुपये प्रदान किए । अब नाबार्ड (पुनर्वित्त) के जरिए 30,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आपातकालीन कार्यशील पूंजी कोष तुरंत जारी किया जाएगा। यह प्लान लगभग 3 करोड़ किसानों को लाभान्वित करेगा खासकर छोटे और सीमांत किसानों को।






KCC Scheme के तहत ₹ 2 लाख करोड़ रियायती ऋण
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए 2 लाख रुपये रियायती ऋण का विस्तार किया जाएगा। इस केसीसी योजना से लगभग 2.5 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे। मछुआरों और पशुपालक किसानों को केसीसी योजना में शामिल किया जाएगा।
25000 करोड़ रुपये की ऋण सीमा के साथ किसानों के लिए 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड मंजूर किए गए हैं।  किसानों को 86,600 करोड़ की तरलता सहायता मार्च-अप्रैल के महीने में दी गई है।
प्रवासी मजदूरों के लिए

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना
प्रवासी मजदूरों को लाभान्वित करने के लिए केंद्र सरकार ने राशन की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए One Nation One Ration Card Yojana शुरू करेगी। अगस्त 2020 से, 23 राज्यों में 67 करोड़ प्रवासी श्रमिक इस योजना से लाभान्वित होंगे, जो कुल पीडीएस लाभार्थियों का लगभग 83% है। One Nation One Ration Card Yojana के तहत 100% लाभार्थियों का कवरेज लक्ष्य मार्च 2021 तक प्राप्त किया जाएगा।





अगले 2 महीनों के लिए सभी प्रवासियों के लिए मुफ्त अनाज आपूर्ति
इस योजना के तहत जिन व्यक्तियों के पास राशन कार्ड नहीं है या जिनका नाम राज्य राशन कार्ड सूची में नहीं है, उन्हें अब प्रति व्यक्ति 5 kg अनाज तथा प्रति परिवार 1 किलो चना दिया जाएगा, लगभग 8 करोड़ प्रवासियों को गैर राशन कार्ड धारकों के लिए 3500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ इस मुफ्त खाद्य आपूर्ति योजना से लाभ होगा।
PMAY के तहत प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए किफायती किराये के आवास
 सरकार प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत प्रवासी श्रमिकों और शहरी गरीबों के लिए एक नई किराये की आवास योजना शुरू करेगी। इस PMAY रेंटल हाउसिंग स्कीम में, सभी प्रवासी कामगारों को उनके काम करने के क्षेत्र में कम किरायें पर मकान मिलेंगे।
यह PPP मोड के माध्यम से प्रमुख शहरों में सरकार के वित्त पोषित घरों को किफायती किराये के आवास या परिसरों में परिवर्तित करके किया जाएगा।

इसके अलावा, सरकार अपने कारोबारियों को कम किरायें पर आवास की सुविधा प्रदान करने के लिए व्यावसायिक कंपनियों, राज्य सरकार, एजेंसियों, संघों को प्रोत्साहन प्रदान करेगी।


प्रवासियों और शहरी गरीबों के लिए सहायता
भारत सरकार ने राज्य सरकारों को प्रवासियों के लिए आश्रय स्थापित करने और उन्हें भोजन और पानी आदि प्रदान करने के लिए State Disaster Response Fund (SDRF) का उपयोग करने की अनुमति दी है। इसके लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को ₹ 11002 Crore की राशि प्रदान की है
जो लोग कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान आश्रय घरों “Shelters For Urban Homeless (SUH)” में रह रहे हैं उन्हें प्रतिदिन 3 समय का भोजन एवं पानी प्रदान किया जा रहा है
मुद्रा योजना के तहत शिशु लोन
मोदी सरकार ने इस योजना के साथ लगभग 3 करोड़ लाभार्थियों को 1500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है और इसके बाद भारत सरकार अगले 12 महीनों के लिए शिशु Loan के त्वरित पुनर्भुगतान पर 2% की ब्याज सहायता प्रोत्साहन प्रदान करेगी।
स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी & पटरी वाले) के लिए विशेष क्रेडिट सुविधा
स्ट्रीट वेंडर्स को 5000 करोड़ रुपये की विशेष ऋण सुविधा भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। 1 महीने की अवधि के भीतर, Street Vendors के लिए केंद्रीय सरकार उन्हें क्रेडिट तक आसान पहुंच प्रदान करने के लिए विशेष योजना शुरू करेगी जिससे लगभग 50 लाख सड़क विक्रेताओं को लाभ होगा और उनमें से अधिकांश को अब 10,000 रुपये तक की प्रारंभिक कार्यशील पूंजी मिलेगी।
रोजगार सृजन के लिए ₹ 6000 करोड़ की सहायता
केंद्र सरकार द्वारा हमारे देश के गरीब लोगों के लिए रोजगार सृजन के लिए 6,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जिससे कि शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरी के अवसर पैदा किए जाएंगे और खासकर सरकार का यह प्लान आदिवासियों  के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा
हाउसिंग सेक्टर एवं मध्यम वर्ग के लिए
मध्यम आय वर्ग के लिए घर खरीदना आसान बनाने के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (वार्षिक आय: 6-18 लाख रुपये) मई 2017 से प्रचालित की गई थी और जो 31 मार्च 2020 को समाप्त हो चुकी थी, अब इसे सरकार द्वारा मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है।
PMAY योजना से अब तक लगभग 3.3 लाख परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। अब अगले 2.5 साल में अन्य 2.5 लाख MIG समूह के लोग PMAY योजना से लाभान्वित होंगे।
इस योजना से हाउसिंग सेक्टर को 70 हजार करोड़ का बुस्ट मिलेगा जिससे रोजगार सृजन होगा और इस्पात, सीमेंट और अन्य घर निर्माण सामग्री की मांग भी बढ़ेगी।







आत्मनिर्भर भारत अभियान (चरण 3)
   कृषि और कृषि से जुड़ी सेवाओं के लिए : 1.5 lakh crore
कृषि  आधारिक संरचना फंड : आधारभूत सुविधाओं के विकास के वास्ते फार्म गेट और कृषि केंद्रो/ मण्डी के आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की मदद।
खाद्य प्रसंस्करण : खाद्य से जुड़े सुक्ष्म उद्योगों के प्रचार और प्रसार के लिए 10 हजार करोड़ रुपए ,इससे विभिन्न राज्यों के प्रमुख उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी जिससे निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे लोकल फॉर लोकल को मजबूती मिलेगी
मत्स्य सम्पदा योजना : मछुआरों के लिए 20 हजार करोड़ जिससे करीब 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। जो लोग मछली पालन उद्योग में काम करते हैं उनके और उनकी नाव के लिए बीमा उपलब्ध कराया जाएगा।
इसमें से 11000 करोड रुपए समुद्री और घरेलू मछलियों तथा मत्स्य पालन के लिए तथा शेष 9000 करोड रुपए फिशिंग , हर्बल कोल्ड चैन एवं आधारभूत संरचना के लिए होंगे।
पशुधन रोग नियंत्रण योजना के लिए 13000 करोड़ रुपए दिये जाएंगे। देश में प्रत्येक पशु के टीकाकरण के लिए सरकार 13,343 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

पशुपालन आधारभूत संरचना विकास फंड : डेयरी पशु चारे के क्षेत्र में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए इस फंड  में 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान। सरकार डेयरी प्रोडक्ट्स और अन्य दुग्ध उत्पादों के निर्यात के लिए प्रोत्साहन राशि देगी।
हर्बल खेती संवर्द्धन  के लिए सरकार द्वारा 4000 करोड़ रुपए का प्रावधान। देश में NMPB ने औषधि पौधों की खेती के लिए करीब 2.25 लाख हेक्टेयर जमीन हर्बल खेती के उपयोग में लायी जाएगी।
हर्बल खेती और औषधीय पौधे लगाने के लिए गंगा नदी के किनारे पर 800 हैक्टेयर जमीन उपयोग में लायी जाएगी। अगले 2 वर्षों में 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हर्बल खेती कवर की जाएगी इससे किसानों के लिए 5000 करोड़ रुपए की आय का सृजन होगा।
मधुमक्खी पालन : ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपए की योजना जिससे देश भर में करीब 2 लाख मधुमक्खी पालन करने वाले लोगों को फायदा होगा।
 मधुमक्खी पालन विकास केंद्र , संग्रह, विपणन और भंडारण जैसी कई सुविधाओं की आधारभूत संरचना का विकास होगा।
टॉप टू टोटल (ऑपरेशन ग्रीन्स) के लिए 500 करोड़ रुपए – पहले से ही लॉंच किए जा चुके ऑपरेशन ग्रीन्स के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान जिसके तहत टमाटर, प्याज और आलू (TOP) की खेती करने वाले लोगों को इनके परिवहन और भंडारण  के लिए 50% आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकार और प्रशासनिक सुधार के लिए
आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन –  अनाज, दलहन, तिलहन, प्याज, आलू और खाद्य तेलों को नियंत्रण मुक्त कर दिया जाएगा। स्थापित क्षमताओं के अधीन खाद्य प्रोसेसर के लिए ऐसी कोई स्टॉक सीमा लागू नहीं होगी। हालाँकि, कुछ प्रावधान हैं जिनमें सरकार मूल्य वृद्धि या प्राकृतिक आपदाओं के मामले में इन फसलों पर कदम उठा सकती है।
उपज बेचने का केंद्रीय कानून – किसानों को उपज का बेहतर मूल्य और उपज बेचने के ज्यादा से ज्यादा विकल्प मिले इसके लिए केंद्रीय कानून लाया जाएगा। इस नए कानून के तहत किसानों को अंतरराज्यीय स्तर पर अपनी फसलों को बेचने पर कोई पाबंदी नहीं होगी। किसान अपने उत्पाद ऑनलाइन भी बेच सकेंगे।
कीमतों एवं गुणवत्ता का आश्वासन – एक नई कार्यप्रणाली को बड़े खुदरा विक्रेताओं, निर्यातकों, प्रसंस्करण इकाइयों और किसानों के सहयोग से तैयार किया जाएगा ताकि प्रत्येक मौसम की शुरुआत में बुवाई और बिक्री की कीमत के साथ अन्य जानकारी आसानी से दी जा सके। किसानों के लिए जोखिम कम करने का प्रयास ।



आत्मनिर्भर भारत अभियान – मुख्य घोषणाएं (पार्ट 4)
आत्मनिर्भर भारत अभियान के चौथे भाग में केंद्र सरकार 8 क्षेत्रों में संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ये क्षेत्र कोयला, खनिज खनन, रक्षा उत्पादन, नागरिक उड्डयन (हवाई क्षेत्र प्रबंधन, पीपीपी और हवाई अड्डे) विद्युत वितरण क्षेत्र, सामाजिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र हैं। जानिए इनसे जुड़ी घोषणाओं के बारे में।
कोयला क्षेत्र के लिए Coal
1. पहले कोयला केंद्र सरकार के एकाधिकार वाला उत्पाद था। लेकिन कोयला क्षेत्र में वाणिज्यिक खनन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एकाधिकार हटा दिया है। यह बाजार की कीमतों पर अधिक कोयला उपलब्धता को बढ़ावा देगा और निजी क्षेत्र  को भाग लेने की अनुमति देगा।
2. विश्व में भारत तीसरा सबसे बड़ा कोयला खानों वाला देश है बावजूद इसके भारत कोयले का आयात करता है। सरकार इसके लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए 50,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
खनिज खनन क्षेत्र के लिए : Minerals / Mining
1. खनिज पट्टों के वितरण के समय स्टांप ड्यूटी को व्यावहारिक बनाया जाएगा
2. विकास और रोजगार को बढ़ावा देने और विशेष रूप से अन्वेषण में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी लाने के लिए संरचनात्मक सुधार
3. 500 माइनिंग ब्लॉकों को एक खुली और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा
4. एल्युमीनियम उद्योग की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोयला खनिज ब्लॉकों की सयुंक्त नीलामी होगी।
5. एल्युमीनियम उद्योग बिजली की लागत काम करने में मदद करेगा
रक्षा क्षेत्र के लिए : Defence sector
1. सरकार उन हथियारों को सूचित करेगा जिनके आयात करने की अनुमति नहीं है। हर साल यह सूची बढ़ाई जाएगी।
2. केंद्र सरकार आयातित पुर्जों के स्वदेशीकरण पर ध्यान केंद्रित करेगा। घरेलू खरीद के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा।
3. रक्षा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की सीमा 49% से बढ़ाकर 74% कर दी गई है। केंद्रीय सरकार समयबद्ध रक्षा खरीद प्रणाली को भी प्राथमिकता देगा।
4. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए मेक इन इंडिया
नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए : Civil aviation
उड़ान लागत में कमी और कुशल हवाई क्षेत्र प्रबंधन के लिए की गयी घोषणाएं
1. नागरिक विमानों की उड़ानों के लिए स्वतंत्र रूप से भारतीय हवाई क्षेत्र का 60% उपलब्ध है जिसे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। हवाई क्षेत्र के उपयोग पर पाबंदी को आसान किया जाएगा ताकि नागरिक उड़ान अधिक कुशल हो सकें।
उड्डयन क्षेत्र के लिए हर वर्ष यह लगभग १००० करोड़ रूपये का लाभ लाएगा।
   ईंधन के उपयोग में कमी आएगी और समय की भी बचत होगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
2. PPP मोड़ के माध्यम से अधिक विश्व स्तरीय हवाई अड्डों का निर्माण अथवा आधुनिकीकरण।
3. पहले और दूसरे राउंड में 12 हवाई अड्डों में निजी क्षेत्र द्वारा लगभग 13000 करोड़ रूपये के अतिरिक्त निवेश की उम्मीद।


बिजली वितरण क्षेत्र के लिए : Electricity Distribution
1. केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली विभागों  का निजीकरण किया जाएगा
उपभोक्ताओं के लिए बेहतर सेवा और वितरण में परिचालन और वित्तीय दक्षता में सुधार होगा।
बिजली सेक्टर की स्थिरता – कोई रेगुलेटरी एसेट नहीं, बिजली कंपनियों को समय पर भुगतान हो सकेगा ।
2. उपभोक्ताओं का अधिकार – डिस्कॉम अक्षमताओं से उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं डिस्कॉम को पर्याप्त पावर सुनिश्चित करनी पड़ेगी
3. सब्सिडी  DBT के माध्यम से दी जाएगी, स्मार्ट प्रीपेड मीटर
सामजिक आधारभूत ढांचा के लिए : Social Infrastructure
1. सुधरी हुई VGF योजना के माध्यम से सामजिक इंफ्रास्ट्रक्चर (अस्पताल, स्कूल) में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा
2. सरकार केंद्र और राज्य / सांविधिक निकायों द्वारा VGF के रूप में कुल परियोजना के लागत के 30% तक वायबिलिटी गैप फंडिंग की मात्रा में वृद्धि करेगी (पहले 20%)
3. कुल परिव्यय 8100 करोड़ रूपये
4. केंद्रीय मंत्रालयों / राज्य सरकार / सांविधिक इकाई द्वारा परियोजनाएं प्रस्तावित की जाएंगी



अंतरिक्ष के लिए : Space

अंतरिक्ष गतिविधियों में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं जो कि इस प्रकार हैं
1. उपग्रहों, प्रक्षेपणों, और अंतरिक्ष आधारित सेवाओं में निजी कंपनियों के लिए लेवल प्लेइंग फील्ड उपलब्ध कराएगी
2. निजी कंपनियों को अपनी क्षमता में सुधार करने के लिए इसरो की सुविधाओं और अन्य प्रासंगिक सम्पतियों का उपयोग करने की अनुमति मिलेगी।
3. ग्रहों की खोज, बाहरी अंतरिक्ष यात्रा आदि के लिए भविष्य के प्रोजेक्ट निजी क्षेत्र के लिए ओपन।
4. एक उदार  डेटा नीति के माध्यम से टेक उद्यमियों को रिमोट-सेंसिंग डाटा प्रदान किया जाएगा ताकि हमारे स्टार्ट अप विदेशों पर निर्भर न रहें।
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र के लिए : Atomic Energy
1. मेडिकल आइसोटोप के उत्पादन के लिए PPP मोड में अनुसंधान रिएक्टर की स्थापना करना – कैंसर और अन्य बीमारियों के लिए सस्ते उपचार के माध्यम से मानवता के कल्याण को बढ़ावा देना।
2. विकिरण प्रौद्योगिकी के उपयोग द्वारा खाद्य संरक्षण के लिए PPP मोड में सुविधाएं स्थापित करना – इससे फसलों को खराब होने से बचाया जा सकेगा और प्याज जैसी उपज का लंबे समय तक भंडारण हो सकेगा।
3. भारत के मजबूत स्टार्ट अप को परमाणु क्षेत्र से जोड़ा जाएगा।

















टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Keynesian theory of money and prices , प्रो. कीन्स का मुद्रा तथा कीमतों का सिद्धांत

The Keynesian theory of money and prices मुद्रा तथा कीमतों का केंजीय सिद्धांत (प्रो. कीन्स) आधार : मुद्रा परिमाण के प्रतिष्ठित सिद्धांत की कमियां • क्लासिकी द्वि-विभाजन (dichotomy) : मुद्रा सिद्धांत तथा कीमत सिद्धांत अलग-अलग • मुद्रा के परिमाण तथा कीमतों में प्रत्यक्ष एवं आनुपातिक संबंध Direct and proportional relation between quantity of Money & prices • मुद्रा की तटस्थता Neutrality of money : स्थैतिक संतुलन Static Equilibrium प्रो. कींस के अनुसार : According to Keynes • मुद्रा सिद्धांत एवं कीमत सिद्धांत का एकीकरण Integration     वास्तविक एवं मौद्रिक क्षेत्रों (Real & Monetary sector) का  • मुद्रा की मात्रा में वृद्धि से कीमतों में वृद्धि लेकिन मुद्रा की मात्रा एवं कीमतों में अप्रत्यक्ष संबंध increase in prices due to increase in in quantity of money indirect relationship between quantity of money and prices मान्यताएं : Assumptions • उत्पादन के साधनों की पूर्ति  लोचदार (बेरोजगारी की स्थिति में) Supply of factors of...

General Equilibrium analysis सामान्य संतुलन विश्लेषण : उत्पादन एवं विनिमय का सामान्य संतुलन (उत्पादन मिश्रण)

सामान्य संतुलन विश्लेषण GENERAL EQUILIBRIUM आंशिक संतुलन विश्लेषण : Partial Equilibrium • जब एक बाजार को दूसरे बाजार से स्वतंत्र रूप से देखा जाए। सामान्य संतुलन विश्लेषण : General Equilibrium • जब वस्तु एवं साधन बाजार में पारस्परिक संबंध एवं पारस्परिक निर्भरता पाई जाए। • अर्थात कीमतों एवं मात्राओं को परिवर्तनशील माना जाए • सभी बाजारों में एक साथ संतुलन की व्याख्या करना हो। सामान्य संतुलन की दशाएं : Conditions • विनिमय एवं उपभोग का सामान्य संतुलन : Equilibrium of Exchange & Consumption ( वस्तुओं एवं सेवाओं का वितरण) • उत्पादन का सामान्य संतुलन (साधनों का आवंटन) General equilibrium of production ( Allocation of  Resources) • विनिमय एवं उत्पादन का सामान्य संतुलन : उत्पादन मिश्रण General equilibrium of Exchange & Production : Product Mix विनिमय एवं उपभोग सामान्य संतुलन : विशुद्ध विनिमय अर्थव्यवस्था : Pure Exchange Economy  मान्यताएं : Assumptions • विशुद्ध विनिमय अर्थव्यवस्था जिसमें उत्पादन नहीं होता है • दो वस्तुएं जिनका उपभोग किया जाता है • दो उपभोक्ता जिनके मध्य वस्तुओं...

सार्वजनिक व्यय के प्रभाव , effects of government expenditure

सार्वजनिक व्यय के प्रभावों को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है – 1. सार्वजनिक व्यय का उत्पादन पर प्रभाव  2. सार्वजनिक व्यय का वितरण पर प्रभाव  3. सार्वजनिक व्यय का आर्थिक जीवन पर प्रभाव  1.सार्वजनिक व्यय का उत्पादन पर प्रभाव  प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सरकार का प्रत्येक व्यय उत्पादक होता है । सामान्यतः औद्योगिक विकास पर जो भी किया जाता है उससे उत्पादन बढ़ता है किंतु सामाजिक सेवाओं पर किया गया व्यय भी लोगों की कार्यकुशलता बढ़ाकर अप्रत्यक्ष रूप से उत्पादन बढ़ाता है ।  प्रोफेसर डॉल्टन ने सार्वजनिक व्यय के उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभावों को तीन भागों में विभाजित किया है – • कार्य करने एवं बचत करने की योग्यता पर प्रभाव  • कार्य करने एवं बचत करने की इच्छा पर प्रभाव  • विभिन्न क्षेत्रों एवं रोजगार में साधनों के स्थानांतरण पर प्रभाव  A.कार्य करने एवं बचत करने की योग्यता पर प्रभाव  सार्वजनिक व्यय कई प्रकार से कार्य करने की योग्यता को बढ़ा सकता है - • क्रयशक्ति में वृद्धि के द्वारा  : लोगों को वेतन, मजदूरी, पेंशन, भत्ते एवं अन्य भुगतान...