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मांग की अवधारणा , मांग को प्रभावित करने वाले कारक व्यक्तिगत मांग अनुसूची एवं बाजार मांग अनुसूची मांग का नियम मांग वक्र में शिफ्ट एवं एक ही मांग वक्र पर संचलन, Concept of Demand

        मांग की अवधारणा : Demand
मांग के तत्व
• इच्छा 
• पर्याप्त मुद्रा 
• मुद्रा खर्च करने की इच्छा 
• कीमत 
• समय 
मांग : किसी समय में वस्तु की वह मात्रा जो किसी उपभोक्ता द्वारा विभिन्न कीमतों पर खरीदी जाती हैं।
बाजार मांग : किसी समय में वस्तु की वह मात्रा जो समस्त उपभोक्ताओं द्वारा विभिन्न कीमतों पर खरीदी जाती हैं। 

मांग अनुसूची : Demand Schedule
• कीमत एवं मांग में संबंध को दर्शाती । 
• मांग को प्रभावित करने वाले अन्य तत्व स्थिर 



• यह दो प्रकार की होती हैं : 
        वैयक्तिक मांग अनुसूची 
        बाजार मांग अनुसूची 
वैयक्तिक मांग अनुसूची : Individual
इसमें किसी निश्चित समय में व्यक्तिगत उपभोक्ता द्वारा विभिन्न कीमतों पर मांगी जाने वाली वस्तु की मात्रा को प्रस्तुत करते हैं ।
बाजार मांग अनुसूची : Market
इसमें किसी निश्चित समय में समस्त उपभोक्ताओं द्वारा विभिन्न कीमतों पर किसी वस्तु की मांगी जाने वाली मात्राओं को प्रकट करते हैं।


कीमत      व्यक्तिगत मांग
               A.         B            बाजार मांग(A + B)
1            50        40                  90
2            40        30                  70
3            30        20                  50
4            20        10                  30

मांग वक्र : Demand Curve
कीमत एवं मांग में विपरीत संबंध को दर्शाता है ।
मांग अनुसूची को रेखाचित्र में प्रस्तुत करने पर मांग वक्र प्राप्त होता है ।
• व्यक्तिगत मांग वक्र
• बाजार मांग वक्र 

मांग के निर्धारक / तत्व प्रभावित करने वाले कारक
मांग फलन : किसी वस्तु की मांग और उसे प्रभावित करने वाले तत्वों के मध्य संबंध
       Dx = f ( Px, Y , Pr , T , E )

• वस्तु की कीमत          
  उपभोक्ता की आय 
• संबंधित वस्तुओं की कीमतें 
*उपभोक्ता की पसंद रुचि
• भविष्य की प्रत्याशाएं             
* जनसंख्या का आकार 
• राष्ट्रीय आय का वितरण 

1.वस्तु की कीमत ( Px) : कीमत एवं मांग में विपरीत संबंध
2.संबंधित वस्तुओं की कीमतें (Pr): स्थानापन्न, पूरक वस्तुएं
स्थानापन्न वस्तुएं : ऐसी वस्तुएं जिनमें एक की कीमत बढ़ने पर दूसरी वस्तु की मांग बढ़ जाती हैं।
    इसमें मांग वक्र धनात्मक ढाल का होता है।
     उदाहरण : चाय एवं कॉफी, गुड़ एवं चीनी


पूरक वस्तुएं : ऐसी वस्तुएं जिनमें एक की कीमत बढ़ने पर दूसरी वस्तु की मांग कम हो जाती हैं ।
इन वस्तुओं का उपभोग साथ साथ होता है ।
मांग वक्र ऋणात्मक ढाल का होता है।
     उदाहरण : कार एवं पेट्रोल, चाय एवं चीनी 
3.उपभोक्ता की आय एवं मांग : (Y)
सामान्यतः उपभोक्ता की आय बढ़ने पर वस्तुओं की मांग बढ़ती हैं जिससे मांग वक्र धनात्मक होता है।
इसमें विलासिता वस्तुएं आती है ।
घटिया वस्तुओं के संदर्भ में आय बढ़ने पर एक सीमा के पश्चात मांग घटने लगती हैं। जैसे ज्वार, बाजरा, मक्का 4.उपभोक्ता की पसंद एवं रुचि : (T)
पसंद, रुचि, फैशन , अधिमान, नए आविष्कार, विज्ञापन


5.भविष्य की प्रत्याशाएं : (E)
कीमत बढ़ने की संभावना ---- वर्तमान में मांग बढ़ेगी कीमत कमी की संभावना ---- वर्तमान मांग घटेगी 

मांग मात्रा में परिवर्तन/एक ही मांग वक्र पर गति(संचलन)

• किसी वस्तु की कीमत में परिवर्तन से वस्तु की मांग में परिवर्तन 
• इसे एक ही मांग पर चलने से दिखाते हैं 
• इसमें मांग को प्रभावित करने वाले अन्य तत्व जैसे उपभोक्ता की आय, रुचि, संबंधित वस्तुओं की कीमतें स्थिर रहते हैं ।
• इसमें दो स्थितियां हो सकती हैं 







मांग में विस्तार : जब वस्तु की कीमत में कमी से उस वस्तु की मांग बढ़ती हैं। 

कीमत    मांग
20       200
10       400


मांग में संकुचन : जब वस्तु की कीमत में वृद्धि से उस वस्तु की मांग कम हो जाती हैं ।

कीमत   मांग
20       200
30       100


मांग में परिवर्तन / मांग वक्र में विवर्तन (शिफ्ट)
 किसी वस्तु की कीमत के अतिरिक्त अन्य कारकों जैसे उपभोक्ता की आय, संबंधित वस्तुओं की कीमतें, उपभोक्ता की पसंद रुचि आदि के कारण मांग वक्र का ऊपर या नीचे खिसकना मांग में परिवर्तन को दर्शाता है। 
यह दो प्रकार का हो सकता है : 
A.मांग वक्र का दांयी ओर खिसकाव / मांग में वृद्धि 
किसी वस्तु की कीमत के स्थिर रहने पर अन्य कारकों जैसे आय में वृद्धि के कारण मांग का बढ़ना ।

कीमत     मांग
10        100
10        200

B.मांग वक्र का बांये ओर खिसकाव / मांग में कमी 
किसी वस्तु की कीमत के स्थिर रहने पर अन्य कारकों जैसे उपभोक्ता की आय में कमी के कारण मांग घटती हैं ।

कीमत   मांग
10       200
10      100


मांग में वृद्धि अथवा कमी निम्न कारकों पर निर्भर करती हैं 
• उपभोक्ता की आय में परिवर्तन 
• संबंधित वस्तुओं की कीमतों में परिवर्तन
• उपभोक्ता की रुचि, पसंद में परिवर्तन 
• भविष्य की प्रत्याशाओ में परिवर्तन

मांग का नियम : Law of demand
अन्य बातें समान रहने पर किसी वस्तु की कीमत घटने पर उस वस्तु की मांग बढ़ती है तथा कीमत के बढ़ने पर उस वस्तु की मांग घटेगी।
कीमत एवं मांग में विपरीत संबंध
मान्यताएं / अन्य बातें 
• उपभोक्ता की आय स्थिर रहें 
• रुचि , पसंद स्थिर 
• संबंधित वस्तुओं की कीमतें स्थिर 

नियम की व्याख्या
कीमत   मांग
20       200
10       400

नियम की व्युत्पत्ति
 मांग के नियम (कीमत एवं मांग में विपरीत संबंध) को दो तरीकों से उत्पन्न कर सकते हैं :
1. सीमांत उपयोगिता एवं कीमत संबंध 
उपयोगिता विश्लेषण के अनुसार उपभोक्ता संतुलन की स्थिति में तब होता है जब MU = P हो 
यदि MU > P हो तो वस्तु की कीमत में कमी होने पर हो जाता है जिससे उपभोक्ता वस्तु की अधिक मात्रा खरीदना है अर्थात कीमत घटने पर मांग बढ़ती हैं। 
यदि MU < P हो तो वस्तु की कीमत के बढ़ने पर mu < p हो जाता है जिससे उपभोक्ता वस्तु की कम मात्रा खरीदना है। कम मात्रा तब तक खरीदेगा जब तक कि MU = P ना हो जाए अर्थात कीमत बढ़ने पर मांग घटती है ।


2.सम सीमांत उपयोगिता नियम 
इस नियम के अनुसार उपभोक्ता संतुलन की स्थिति में तब होगा जब MU/Px = MU/Py 
यदि वस्तु – X की कीमत में कमी हो 
                             MU/Px  > MU/Py
इस स्थिति में उपभोक्ता को वस्तु X से ज्यादा उपयोगिता मिल रही हैं अतः वह वस्तु X की ज्यादा इकाइयां खरीदेगा । कीमत में कमी से उसकी मांग बढ़ेगी 
वस्तु X की कीमत बढ़ने पर 
                           MU/Px  <  MU/Py

इस स्थिति में वस्तु की उपयोगिता अधिक होने से उसकी मांग ज्यादा होगी वस्तु X की कीमत बढ़ने से उसकी मांग कम हो जाएगी और अंत में संतुलन   MU/Px = MU/Py होगा 

नियम लागू होने के कारण 
• हा्समान सीमांत उपयोगिता नियम 
• प्रतिस्थापन प्रभाव 
• आय प्रभाव : (वास्तविक आय / क्रयशक्ति )
• नए उपभोक्ता 
• वस्तु के विविध उपयोग 
नियम के अपवाद 
• गिफिन वस्तुएं : घटिया वस्तुएं 
• प्रतिष्ठा सूचक वस्तुएं 
• अनिवार्य वस्तुएं 
• अज्ञानता एवं भ्रम 
• भविष्य में कीमत परिवर्तन की संभावना

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