Sustainable Development Goals (SDG's)
सतत विकास लक्ष्य
संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक न्यूयार्क में 25 से 27 सितंबर 2015 में आयोजित की गयी थी. इसी बैठक में अगले 15 साल के लिए 17 ‘लक्ष्य 169 targets & 306 National Indicator तय किये गये थे जिनको 2016 से 2030 की अवधि में हासिल करने का निर्णय लिया गया था.
इस बैठक में 193 देशों ने भाग लिया था.
इस संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन की थीम "Transforming our world: The 2030 Agenda for Sustainable Development” था ।
सतत् विकास लक्ष्य क्या है ?
यह सार्वभौमिक लक्ष्य हैं जो गरीबी को दूर करने तथा पर्यावरण को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्राप्त करने आवश्यक है तथा इसके द्वारा यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी लोग शांति एवं समृद्धि का आनंद ले सकें।
सार्वभौमिक लक्ष्यों को सभी सदस्य देश सदस्य देशों द्वारा अपनाया गया है।
अर्थात् पर्यावरण सुरक्षा के साथ मानव विकास हेतु।
संयुक्त राष्ट्र का एजेंडा 2030 (17 विकास लक्ष्य)
1. गरीबी के सभी रूपों की पूरे विश्व से समाप्ति
2. भूख की समाप्ति, खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा
3. सभी आयु के लोगों में स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा
4. समावेशी और न्यायसंगत गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही सभी को सीखने का अवसर देना
5. लैंगिक समानता प्राप्त करने के साथ ही महिलाओं और लड़कियों को सशक्त करना
6. सभी के लिए स्वच्छता और पानी के सतत प्रबंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना
7. सस्ती, विश्वसनीय, टिकाऊ और आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करना.
8. सभी के लिए निरंतर समावेशी और सतत आर्थिक विकास, पूर्ण और उत्पादक रोजगार, और बेहतर कार्य को बढ़ावा देना
9. लचीले बुनियादी ढांचे, समावेशी और सतत औद्योगीकरण को बढ़ावा
10. देशों के बीच और भीतर असमानता को कम करना
11. सुरक्षित, लचीले और टिकाऊ शहर और मानव समुदाय का निर्माण
12. स्थायी उपभोग और उत्पादन पैटर्न को सुनिश्चित करना
13. जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई करना
14. स्थायी सतत विकास के लिए महासागरों, समुद्र और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और उपयोग
15. सतत उपयोग को बढ़ावा देने वाले स्थलीय पारिस्थितिकीय प्रणालियों, सुरक्षित जंगलों, भूमि क्षरण और जैव विविधता के बढ़ते नुकसान को रोकने का प्रयास करना
16. सतत विकास के लिए शांतिपूर्ण और समावेशी संस्थाओं को बढ़ावा देने के साथ ही सभी स्तरों पर इन्हें प्रभावी, जवाबदेही बनना ताकि सभी के लिए न्याय सुनिश्चित हो सके
17. सतत विकास के लिए वैश्विक साझेदारी को पुनर्जीवित करने के अतिरिक्त कार्यान्वयन के साधनों को मजबूत बनाना
UNDP की भूमिका
SDG 1 जनवरी, 2016 से प्रभाव में आए तथा UNDP की निगरानी व संरक्षण में ये अगले 15 सालों तक प्रभावी रहेंगे। संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख SDG, लक्ष्य प्राप्ति कार्य करने वाली संस्था UNDP विश्व के सभी देशों में इन लक्ष्यों की प्राप्ति पर नजर रखेगी।
UNDP का प्रमुख लक्ष्य
• इन देशों में गरीबी को खत्म करना
• लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को प्रोत्साहन,
• पर्यावरण परिवर्तन और आपदा परिवर्तन पर कार्य तथा
• आर्थिक समानता प्राप्ति आदि
SDGs, लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये सरकारी, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज तथा सभी लोगों को आपसी सहयोग से काम करना होगा।
SDG's & भारत
दिसम्बर, 2019 में भारत ने SDG India Index जारी किया था, भारत इस प्रकार का सूचकांक जारी करने वाला पहला देश है। इसे नीति आयोग द्वारा लांच किया गया है।
सहयोगी संस्थाएं
• ‘सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
• संयुक्त राष्ट्र संघ की भारतीय शाखा
• वैश्विक हरित विकास संस्थान (Global Green Growth Institute-GGGI)
सतत् विकास लक्ष्य भारत सूचकांक: 2019-20
नीति आयोग ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर भारत की प्राथमिकताओं के अनुरूप अपना सूचकांक तैयार किया है। नीति आयोग की रिपोर्ट 2019 में UN के 17 में से 16 लक्ष्यों को शामिल किया गया है जबकि वर्ष 2018 में इसमें केवल 13 लक्ष्यों को ही शामिल किया गया था।
नीति आयोग UN के 232 सूचकांकों की प्रणाली पर आधारित 100 निजी सूचकांकों पर राज्यों के प्रदर्शन की समीक्षा करता है, जिनमें शामिल हैं-
महत्वाकांक्षी (Aspirant) : 0–49
प्रदर्शक (Performer) : 50-64
प्रबल दावेदार (Front Runner): 65–99
साधक / सफल (Achiever)। : 100
मुख्य बिंदु: Key points
नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2019-20 के सूचकांक में
1. केरल (70)
2. हिमाचल प्रदेश (69)
3. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना (67)
• बिहार (50) इस सूची में सबसे निचले स्थान पर रहा।
सबसे अधिक सुधार : सूचकांक में पिछले वर्ष के मुकाबले उत्तर प्रदेश (55), ओडिशा (58) और सिक्किम (65) के प्रदर्शनों में अधिक सुधार
• केंद्र शासित प्रदेशों में पहला स्थान चंडीगढ़, दूसरा पांडिचेरी एवं तीसरा स्थान दादरा नगर हवेली का रहा। जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख सबसे निचले स्थान पर रहे।
भुखमरी से मुक्ति और लैंगिक समानता के क्षेत्र में लगभग सभी राज्यों का प्रदर्शन खराब रहा, इन क्षेत्रों में भारत को राष्ट्रीय स्तर पर 100 में से क्रमशः मात्र 35 और 42 अंक ही प्राप्त हुए।
सभी 16 क्षेत्रों में भारत को संयुक्त रूप से 60 अंक प्राप्त हुए, पिछले वर्ष इसी श्रेणी में भारत को 57 अंक प्राप्त हुए थे।
धन्यवाद।
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